Tuesday, 20 May 2008

बारिश

आज बारिश गिर रही है
रह रहकर गिर रही है
बादलों के बीच से आज बिजली गरज रही है
और कह रही है
ना रोको बारिश को, ना टोको बारिश को
कितने यौवन से प्‍यासी थी धरा
कितने अरसे से प्‍यासे थे तरूवर
कितने दिनों से सूखी थी बयार
मिटाने दो प्‍यास सभी की
ना रोको बारिश को, ना टोको बारिश को
मयूर आज नाचेगा जी भर
मयूर आज गाएगा जी भर
कभी डाल-डाल कभी पात-पात
उछल कूद मचाएगा वानर
मिटाने दो प्‍यास सभी की
ना रोको इस बारिश को, ना टोको इस बारिश को
आज बारिश गिर रही है
रह रहकर गिर रही है
बादलों के बीच से आज बिजली गरज रही है
और कह रही है
ना रोको बारिश को, ना टोको बारिश को

8 comments:

अतुल said...

आज सचमूच बारिश हो रही है दिल्ली में.

शायदा said...

बारिश का एक फोटो भी लगाओ न ।

राजीव रंजन प्रसाद said...

अच्छा प्रयास है..

***राजीव रंजन प्रसाद

Udan Tashtari said...

बढ़िया भाव है, लिखते रहिये. शुभकामनायें.

अल्पना वर्मा said...

bahut achchey! barishon ka anaand lijeeye

Anonymous said...
This comment has been removed by a blog administrator.
मोहन वशिष्‍ठ said...

आप सभी का हार्दिक धन्‍यवाद इन पंक्तियों को पसंद करने के लिए

seema gupta said...

आज बारिश गिर रही है
रह रहकर गिर रही है
" nice poetry, aaj hee pdhee orr aaj hee yhan bhee bareesh ho rhee hai"