पढो और बताओ कैसा लगा
Monday, 7 November 2011
को
मोहन वशिष्ठ 9991428447
द्वारा
11/07/2011 11:23:00 PM
2
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मिटटी से डरे नेताजी और अधिकारी
Thursday, 7 July 2011
दोस्तों आज मैंने दा फोटो देखे देखकर अच्छा लगा साथ ही बुरा भी लगा हमारे देश के एक नेता हैं और दूसरे बडे अधिकारी हैं चले दोनों पौधारोपण करने के लिए पौधरोपण भी किया फोटो भी खींचा गया और सुबह अखबारों में भी लगेंगे लेकिन दोनों ही फोटो में एक हैरत वाली बात थी वो आप दोनों फोटो को देखकर बताओ क्या हैरान करने वाली बात है
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| इस फोटो में नेताजी आए हैं पौधरोपण करने लेकिन मिटटी से डर रहे हैं देखें गोल दायरे में |
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| इस फोटो में अधिकारी हैं लेकिन मिटटी से डर रहे हैं इसलिए पैरों के नीचे अखबार बिछा डाले अगर जनाब को मिटटी से इतना ही डर लगता है तो पौधरोपण क्यूं करने आए दें आप भी अपनी राय क्या ये सही है |
को
मोहन वशिष्ठ 9991428447
द्वारा
7/07/2011 10:07:00 PM
5
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यारों वर्ल्ड कप उठा लिया
Tuesday, 5 April 2011
आना था इसे दोबारा
लो ये आ गया
यारों वर्ल्ड कप उठा लिया
धोनी सचिन हैं हीरो
युवी सहवाग भी कम नहीं
पाकिस्तान को पीटा
लंका को जीत लिया
आना था इसे दोबारा
लो ये आ गया
थी तमन्ना अरबों की
कर दी पूरी हमने भारत की
की थी दुआएं सभी ने
लाने को वर्ल्ड कप
कोशिश थी हमारी
दुआएं थी तुम्हारी
जोखिम ये उठा लिया
आना था इसे दोबारा
लो ये आ गया
सहेज कर रखो इसे अब
आया है 28 साल बाद
ये वर्ल्ड कप है हमारा
सारे जहाँ से अच्छा
हिंदुस्तान हमारा हमारा हमारा...........
मोहन वशिष्ठ
को
मोहन वशिष्ठ 9991428447
द्वारा
4/05/2011 08:44:00 PM
5
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संगत
Monday, 7 March 2011
अगर संगत से ही तमाम खूबियां आ जाती हैं
तो गन्ने के खेत में उगने वाले सभी पौधों में
रस क्यों नहीं होता ?
को
मोहन वशिष्ठ 9991428447
द्वारा
3/07/2011 07:42:00 PM
1 प्रतिक्रिया
मुबारकबाद
Friday, 31 December 2010
आ गया नया साल
ले लो मुबारक बाद
मिलेंगी फिर पूरे एक साल बाद
क्यूंकि आता है नया साल
पूरे एक साल बाद
होता रहे जिन्दगी में आपकी
खुशियों का आगमन सारा साल
हर दिन मनाओ तुम खुशियाँ
नए साल के जश्न कि तरह यही दुआ है हमारी
मिल जुलकर बांटो खुशियाँ सारी
इसी के साथ देते हैं शब्दों को अल्पविराम
आप सभी को नया साल कि मुबारकबाद
HAPPY
NEW
YEAR
2011
को
मोहन वशिष्ठ 9991428447
द्वारा
12/31/2010 11:39:00 PM
5
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मैं शराबी हूँ मुझे प्यार है आखिर क्यूँ है
Friday, 10 December 2010
कल रात ऑफिस में बैठा था तो youtube पर गाने सुन रहा था गाना था अताउल्लाह खान का बोल हैं मैं शराबी हूँ मुझे प्यार है आखिर क्यूँ है बहुत ही दर्द झलक रहा था इस गाने में जरा आप भी सुनो ये बहुत ही प्यारा गीत मगर बिना पिए और गाना सुनकर पीने कि इजाजत नहीं है
main sharabi hoon, muhje pyaar hai, aakhir kiyun hai
को
मोहन वशिष्ठ 9991428447
द्वारा
12/10/2010 09:01:00 PM
0
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माँ की गोद
Sunday, 14 November 2010
मैं जब मर जाऊं
मुझे मत दफनाना
न ही मुझे जलाना
बस मुझे तो भेज देना
मेरी माँ कि गोद में
जिसके लिए तरसा हूँ मैं
तडपा हूँ मैं
उसकी गोद में
बस
सिर रखकर सोना चाहता हूँ
यूँ ही सदियों तक
न कोई जगाना मुझे
न कोई आवाज देना
मैं खो जाना चाहता हूँ
माँ की गोद में
को
मोहन वशिष्ठ 9991428447
द्वारा
11/14/2010 06:25:00 PM
4
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********* पहचान **********
Sunday, 10 October 2010
पेड के उपर चढा आदमी
ऊचा दिखाई देता है !
जड मे खडा आदमी
नीचा दिखाई देता है !
आदमी न ऊचा होता है, न नीचा होता है,
न बडा होता है,न छोटा होता है !
आदमी सिर्फ़ आदमी होता है !
पता नहीं इस सिधे, सपाट सत्य को
दुनिया क्यों नहीं जानती ?
और अगर जानती है,
तो मन से क्यों नहीं मानती ?
किसी संत कवि ने कहा है की
मनुष्य के उपर कोइ नहीं होता,
मुझे लगता है कि मनुष्य के उपर उसका मन होता है !
छोटे मन से कोइ बडा नहीं होता,
टुटे मन से कोइ खडा नहीं होता !
आदमी की पहचान,
उसके धन या आसन से नहीं होती,
उसके मन से होती है !
मन की फकीरी पर
कुबेर की संपदा भी रोती है !
-श्री.अटल बिहारी वाजपेयी जी द्वारा रचित |
वन्दे मातरम् !!!
को
मोहन वशिष्ठ 9991428447
द्वारा
10/10/2010 08:41:00 PM
6
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तड़पन
Friday, 10 September 2010
आखिर आज पुकार ही लिया
मुझे उसने
मेरे नाम से
ले ही लिया आखिर
मेरा नाम
अपनी जुबान पर
लेकिन क्यूँ
पता नहीं क्यूँ
बस पता है तो
ये ही कि
मेरा नाम आज आखिर
उसने लिया है
अपनी जुबान पर
तड़पता था मैं
सुनने के लिए
उसके मुहँ से अपना नाम
को
मोहन वशिष्ठ 9991428447
द्वारा
9/10/2010 10:20:00 PM
13
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Labels: Tadpan
आंसू हैं मेरे साथ
Friday, 16 July 2010
आँखों से गिरते आंसूं
दिल में उठती टीस
नहीं है कोई अपना
सिर रखने को
जो देता मुझे कन्धा
पोंछ देता
मेरे बहते आंसू
भाई का लाड
मां-बाप का दुलार
दोस्तों का प्यार
छूट गया अब
सब अपनों का साथ
बस रह गए तो केवल
आंसू
नहीं है अब इन्हें पोंछने वाला कोई
सभी हैं आंसू देने वाले
इस दुनिया में
मेरे जैसे का होता है यही हाल
कोई तो होना ही चाहिए
आंसू हैं मेरे साथ
को
मोहन वशिष्ठ 9991428447
द्वारा
7/16/2010 01:46:00 PM
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