Friday, 16 May 2008

उदासी


जब मैं उदास होता हूं
आईने के सामने जाकर
खडा हो जाता हूं
और
ढूंढता हूं उस उदासी को
जो मुझे उदास करती है
फिर देखता हूं
अपने आईने की आंखों से
और पाता हूं कि
उदासी तो मेरी आंखों
में ही है और
मैं फिर से उदास
हो जाता हूं
क्‍योंकि मैं तो
उदास था ही
लेकिन अब मेरे आईने
की आंखें भी
मेरी उदासी को देख
और ज्‍यादा उदास हो गई

1 comment:

vandana said...

udasi ki bahut gahri pahchan hai aapko.yun laga jaise aaina aur udasi ek hi hain alag nhi