Thursday, 12 June 2008

नहीं करता मैं याद ...


नहीं करता मैं तुमको याद

क्‍योंकि याद करने के लिए
पडता है भूल जाना
कर नहीं सकता मैं ये
दुष्‍कर्म अपना

जब तुम नहीं थे जिंदगी में मेरी

करता था उसको याद मैं

उसको आज भी करता हूं याद मैं

क्‍योंकि याद करने के लिए

पडता है भूल जाना

मां, बाप, भाई, बहन और बच्‍चे

कभी भी नहीं करता किसी को याद मैं

क्‍योंकि याद करने के लिए पडता है भूल जाना

तुम भी मत करना कभी

भूले से याद मुझको

क्‍योंकि याद करने के लिए

पडता है भूल जाना

3 comments:

बाल किशन said...

"क्‍योंकि याद करने के लिए
पडता है भूल जाना"
सुंदर अभिव्यक्ति.
बधाई.

Udan Tashtari said...

बढ़िया है, लिखते रहिये.

Udan Tashtari said...

बढ़िया है, लिखते रहिये.