Wednesday, 3 December 2008

देखो और बताओ

कल रात को मैं ऐसे ही लेटे लेटे टीवी देख रहा था कि एक चैनल पर जाकर नजर रूक गई। एक फिल्‍म आ रही थी जो बंटवारे के ऊपर बनी थी। बहुत ही मार्मिक कहानी है क्‍यूंकि देश का बंटवारा हमने तो देखा नहीं और देखा भी होगा तो याद नहीं क्‍योंकि पिछले जन्‍म की बात है। रात डेढ बजे तक फिल्‍म को देखता रहा लेकिन चैनल पर नाम डिस्‍पले नहीं हुआ। और मैं आधी फिल्‍म देखता देखता ही सो गया। टीवी भी चालू ही रहा सुबह करीब पांच बजे आंख खुली तो देखा टीवी चल रहा है पर फिल्‍म अब वो नहीं है। अब इस फिल्‍म को देखने का बहुत दिल कर रहा है कि आगे क्‍या होता है। क्‍या हुआ था बंटवारे में। अब आप सभी से अनुरोध है कि इस क्लिप को देखकर मुझे फिल्‍म का नाम बताएं ताकि मेरी रूह को सुकून मिल सके। इंटरनेट के मामले में थोडा कच्‍चा हूं। तो मुझे इंतजार है फिल्‍म को देखने का


5 comments:

सुमो said...

आप पूछ रहे हैं या परीक्षा ले रहे हैं?
यह सीन केतन मेहता की फिल्म सरदार का है और यह फिल्म सरदार पटेल के ऊपर बनी है.
आज के प्रमुख अभिनेता परेश रावल ने इसमें सरदार पटेल का अभिनय किया है

यदि आपने इस फिल्म को नहीं देखा है तो जरूर देखिये, आपकी रूह को वाकई सुकून मिलेगा

मोहन वशिष्‍ठ said...

सूमो जी आपका बहुत बहुत धन्‍यवाद मुझे यह जानकारी देने के लिए बाकी रही बात परीक्षा लेने की तो परीक्षा तो वही लेते हैं जिनको ज्ञान हो मेरे जैसे निरे मूर्ख नहीं मुझे तो महज इस फिल्‍म को देखने के लिए इसका नाम बताने की प्रार्थना की थी।

Udan Tashtari said...

सूमो जी ने बता ही दिया है. हमने देखी है-बहुत जबरदस्त फिल्म है. जरुर देखिये मगर इत्मिनान से बैठ कर.

राज भाटिय़ा said...

अरे भाई बहुत बहुत धन्यवाद, हम ने नही देखई यह फ़िल्म अब जरुर देखेगे, हां मेरे सब से पंसदीदा है सरदार पटेल,
फ़िर से धन्यवाद

कविता वाचक्नवी said...

जब आपने इसका क्लिप लगा दिया तो निस्संदेह वहाँ अर्थात् यू-ट्यूब पर इसका नाम देखा ही होगा और तो और इसके क्लिप (वीडियो)को सर्च करने के लिए भी तो नाम की जरूरत पड़ी ही होगी। ऐसे में आपका कहना कि यह परीक्षा नहीं है,प्रश्न है, गले नहीं उतरता।
आप खेल खेल रहे हो साथियों से तो बात अलग है।