Saturday, 21 March 2009

बताओ तो जानें

नमस्‍कार दोस्‍तों
माफ करना अभी आप सबको झिलाने का मूड नहीं बन पा रहा है। इसलिए अभी शांत ही बैठा हूं कुछ भी नहीं लिख रहा हूं बस पढने में व्‍यस्‍त हूं। आज अचानक ही बैठा था तो सोचा कि सबको यह भी बता देना बहुत जरूरी है कि मैं ब्‍लाग जगत में जीवित हूं। और नारद मुनि की तरह भ्रमण करता रहता हूं।

आज मुझे आप सभी की बहुत जरूरत आन पडी है। और मुझे यह भी पूरा यकीन है कि आप मेरी हरसंभव मदद करने को सदैव तत्‍पर होंगे। और आखिर होंगे भी क्‍यों ना सबको कुछ ना कुछ लिखकर हमेशा झिलाता रहता हूं। अब शायद कुछ लोग झिलाना शब्‍द को नहीं समझ सकें होंगे तो मैं खुद ही बता दूं कि झिलाना मतलब परेशान करना, सिर दर्द करना जैसे कहते हैं कि एक शेर अर्ज किया है अब इसे झेलो तो वही झिलाना हूं मैं

तो अब काम की बात की जाए
तो काम की बात यह है कि मुझे एक भजन जोकि श्रीकृष्‍ण के ऊपर बनाया गया है और में इसकी मूल सीडी उपलब्‍ध हो सकती है । यह भजन मैंने सन 2005 में सुना था। अगर किसी के पास सीडी हो या ये भजन हो तो कृप्‍या मुझे मेरे मेल आईडी जोकि मेरी प्रोफाइल में है पर बता दें साथ ही अपना नंबर भी दे दें ।
इस भजन में
कृष्‍ण मात यशोदा से अपने ब्‍याह की अर्ज करते हुए अपने लिए बटुआ सी बहू लाने की बात कहते हैं
अब आप सभी से यह मेरी अरदास है कि इस सीडी के बारे में कृप्‍या मुझे जरूर बताएं या फिर ये वाला भजन मुझे मेल कर दें आप सबकी मदद की दरकार है मुझे इस समय।



इसी बहाने आपसे सिर्फ एक छोटा सा सवाल पूछ रहा हूं शायद कईयों को पता भी होगा लेकिन बताना जरूर

एक बार एक मुर्गी अपने तीन चूजों के साथ सडक पार कर रही थी। सडक पार करते समय कार सामने आ गई और मुर्गी एक चूजे के साथ तो पार हो गई। बाकी चूजे पीछे ही रह गए। बाद में दोनों चूजे भी सडक पार आ गए। मुर्गी अपनी गिनती करने लगी और बोली ठीक है हम चारों बिल्‍कुल सुरक्षित है तो तुरंत ही सबसे छोटा चूजा भी बोल पडा वाह हम पांचों बि‍ल्‍कुल ठीक हैं और सडक पार कर चुके हैं अब आप बताओ कि ये पांचवा चूजा कहां से आया। बताओ बताओ लेकिन याद रखें चीटिंग नहीं चलेगी

8 comments:

Parul said...

bacchaa ginti bhuul gaya thaa ...

neeshoo said...

बेरी सिपंल उसे गिनती नहीं आती या वह झूठ बोल रहा है ।

mehek said...

haa wo chuza jutha tha:)maths mein kamjor:)

P.N. Subramanian said...

हम तो गणित में बचपन से ही कमजोर थे और अब भी घबराते हैं. आभार.

प्रकाश बादल said...

चौथा चूज़ा पहले ही अलग से आ गया होगा। मुर्गी को चौथे का पता ही न चला होगा।

राज भाटिय़ा said...

मोहन भाई कल मे घर पर नही था, ... तो आप को बता दुं यह गीत मेरे पास है, मै इसे ढुढं कर आप को मेल से भेज दुंगा, ओर जो यह चुजे साहब है, यह पक्के झुठे है.... हर समय अपनी मां को तंग करते है. राम राम

अनुपम अग्रवाल said...

हाँ वह तो सडक पार करते समय ही आया था इस दुनिया मेँ

hem pandey said...

न सी डी के बारे में मालूम न पहेली के बारे में. नमस्कार.