Friday, 16 July 2010

आंसू हैं मेरे साथ

आँखों से गिरते आंसूं
दिल में उठती टीस
नहीं है कोई अपना
सिर रखने को
जो देता मुझे कन्धा

पोंछ देता
मेरे बहते आंसू

भाई का लाड
मां-बाप का दुलार
दोस्तों का प्यार 
छूट गया अब
सब अपनों का साथ
बस रह गए तो केवल

आंसू
नहीं है अब इन्हें पोंछने वाला कोई
सभी हैं आंसू देने वाले

इस दुनिया में
मेरे जैसे का होता है यही हाल
कोई तो होना ही चाहिए
आंसू हैं मेरे साथ

11 comments:

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

इतना दुःख क्यूँ है भाई ? भावनाएं तो अच्छी तरह से बयां किये हैं पर एक बात कहना चाहूँगा ...
कुछ पंक्तियाँ याद आ गई ... किसने लिखा है ये तो पता नहीं पर बहुत सुन्दर है ...
रात जितनी भी संगीन होगी
सुबह उतनी ही रंगीन होगी
ग़म न कर गर है अँधेरा
किसके रोके रुका है सवेरा

पंकज मिश्रा said...

आपकी रचना बहुत ही शानदार है.

shalini said...

aaj to pahle yahi bta do ki aap miss kise kar rahe ho. rone ko kandha hi chahiye to bhabhi ko mayke se bula lo pir kisi or kandhe ki jarurat nahi rahegi. kyoki patni se bada humdard or koi nahi ho sakta. agar wah apka sukh baat sakti hai to dard me doguna saath degi ajma kar dekh lo. iske baad kahi aankho me aansu nahi ayenge meri salah yahi hai

फ़िरदौस ख़ान said...

भावपूर्ण रचना...

डॉ. हरदीप सँधू said...

Koi baat nahee....kaee bar ankhon kee namee , ankhon ke aansoo ....aap kee ankhe saaf kar dete hai..aur aap aur achaa-bure main antar dekh sakte ho.

फ़िरदौस ख़ान said...

बहुत ख़ूब...

manpreet said...

Its too good.....
u knw wat
Life is like a piano.White keys r happy moments & black keys r sad moments.But remember, both keys r played 2gether 4 sweet music. 'SO ENJOY KHUSHI ND GUM'

manpreet said...

its too good

Udan Tashtari said...

आजकल लिखना क्यूँ कम है? सब ठीक ठाक तो है?

श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाये.

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत मार्मिक अभिव्यक्ति ..

दिगम्बर नासवा said...

आँसुओं का साथ तो उम्र भर का है .... बहुत अच्छा लिखा है ...